चीन के बाद, अब भारत में मिला कोरोना वायरस पहला मरीज

चीन के बाद, अब भारत में मिला कोरोना वायरस पहला मरीज , जाने कितना खतरनाक है ये वाइरस

कोरोना वायरस चीन में एक गंभीर समस्या बना हुआ है इस समय चीन में और जो दूसरे देश उससे जुड़े है, जिनक आना जाना चीन में लगा रहता है | जिसके कारण भारत में भी कोरोना वायरस पहला केस देखने को मिला। ( Coronavirus in india )

हम आप को बता दे की केरल के त्रिशूर जिले में कोरोना वायरस का पहला मरीज केरला में पाया गया है। इस मरीज को अलग से एक हस्पताल में रखा गया है और उसकी अलग से निगरानी की जा रही है। ये मरीज वुहान विश्वविद्यालय में एक छात्र है।

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आये जानते है कोरोना वायरस की कैसे हुई उत्पत्ति 

अब आप के मन में यह ख्याल आया होगा कि यह खतरनाक वायरस कहां से आया। मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार Corona virus कुछ खास प्रजातियों के जानवरों में पाया जानेवाला वायरस है। इनमें सांप और चमगादड़ जैसे जीव शामिल हैं। जब यह वायरस इंसानों में पहुंचा, तो इसने अपने आप को इस तरह विकसित कर लिया कि यह इंसानों में भी जीवित रह पाए यानी इंसानी शरीर में भी ठीक तरीके से पनप सके। इसका यही बदला हुआ मेडिकल एक्सपर्ट्स के सामने चैलेंज बना हुआ है।

क्या जानते है इस वायरस का नाम क्यों पड़ा कोरोना

यह बात को जरूर जानना चाहेगा कि आखिर इस वायरस का नाम कोरोना क्यों पड़ा? दरअसल, जब सूर्य को ग्रहण लगता है यानी सूर्य ग्रहण के वक्त जब पृथ्वी सूर्य को पूरी तरह ढक देती है तो गोले के रूप में सूरज दिखना तो बंद हो जाता है लेकिन उसकी किरणों द्वारा हर तरफ फैल रही रोशनी दिखाई पड़ती है, जो तेजी से कहीं ब्रह्मांड में विलुप्त होती हुई दिखती है। इसे इस तरह भी समझा जा सकता है कि यह सूरजमुखी के फूल की तरह की संरचना बन जाती है। जो बीच से काली होती है और इसके वृत्त के चारों तरफ नर्म किरणों का प्रकाश फैल रहा होता है, जैसे सूरजमुखी की पंखुड़ियां होती हैं। पृथ्वी की छाया के चारों तरफ फैल रही सूर्य की इस रोशनी को कोरोना कहा जाता है। इसी कारण इस वायरस का नाम कोरोना दिया गया क्योंकि इसकी बनावट कोरोना जैसी ही है। दरअसल, यह वायरस गोल है और इसकी सतह पर पृथ्वी के कोरोना की तरह प्रोटीन की स्टेन्स यानी शाखाएं उगी हुई हैं। जो हर दिशा में फैलती हुई महसूस होती हैं।

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