अमित शाह का कांग्रेस पार्टी पर निशाना, कहा- एक पार्टी है जो नक्सलवाद को क्रांति का जरिया समझती है

रायपुर : भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह ने नक्सलवाद के मुद्दे पर बिना नाम लिए कांग्रेस पर निशाना साधा । उन्होंने शनिवार को पार्टी का संकल्प पत्र जारी करते हुए कहा की – जिस पार्टी को नक्सलवाद में क्रांति और क्रांति का जरिया दिखाई पड़ता हो, वे छत्तीसगढ़ का भला नहीं कर सकती है। अमित शाह ने उम्मीद जताई कि भाजपा राज्य में लगातार चौथी बार वापसी करेगी और राज्य के विकार। इससे पहले शुक्रवार को जगदलपुर की रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कांग्रेस पर अर्बन नक्सलियों से हमदर्दी जताने का आरोप लगाया था।

अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सबसे बड़ी समस्या नक्सलवाद है। डॉ. रमन सिंह ने इस पर नकेल कसने का काम किया है। भाजपा सरकार में यह राज्य काफी हद तक नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है। उम्मीद है कि आने वाले कुछ साल में यह राज्य देश में पावर और सीमेंट उत्पादन का हब बनेगा। भाजपा का उद्देश्य प्रदेश को शिक्षित और नक्सलमुक्त बनाना है। भाजपा की सरकार बनने से पहले इसे बीमारू राज्य समझा जाता था। राज्य की जनता के लिए रमन सरकार ने कई कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत की है। कांग्रेस के दुष्प्रचार का सामना करते हुए लगातार 15 साल काम करना उनके लिए बड़ा काम है।

अर्बन नक्सलियों ने बच्चों के हाथों में बंदूक थमाई
नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा था, ”मैं जब भी बस्तर आया, कुछ न कुछ इस क्षेत्र के विकास के लिए लेकर आया। जो विकास नहीं करते थे, वे नक्सलियों और माओवादियों का नाम लेते थे। वे कहते थे कि वहां (छत्तीसगढ़) कुछ नहीं हो सकता। पर हमने करके दिखाया। जो अर्बन माओवादी हैं, वे एसी घरों में रहते हैं। उनके बच्चे विदेश में पढ़ते हैं, अच्छी गाड़ियों में चलते हैं, लेकिन वे वहां बैठे-बैठे रिमोट से हमारे बच्चों के हाथों में बंदूक थमाते हैं। एक पार्टी (कांग्रेस) जो छत्तीसगढ़ के लिए कुछ नहीं कर पाई, उसे इनसे हददर्दी है।”

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12 नवंबर को पहले चरण का मतदान

छत्तीसगढ़ विधानसभा की 90 सीटों के लिए दो चरण में 12 और 20 नवंबर को मतदान होंगे। नतीजे 11 दिसंबर को आएंगे। इसके लिए शुक्रवार को कांग्रेस ने घोषणा पत्र जारी किया। एक दिन बाद शनिवार को अजीत जोगी की जनता कांग्रेस ने शपथ पत्र और भाजपा ने संकल्प पत्र जारी किया। पहले चरण की 18 सीटों के लिए शनिवार शाम चुनाव प्रचार थम गया।

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