ekadashi vrat dates

Ekadashi Vrat

एकादशी व्रत

एकादशी व्रत हिन्दू कैलेंडर और हिन्दू धर्म को मानने वालो के लिया पूजनीया और मंगलकारी व्रत माना जाता है। एकादशी शब्द संस्कृत भाषा से लिया गया है जिसका अर्थ है ‘ग्यारह’ ।

eKadashi Vrat Tithi/Date

प्रत्येक महीने में एकादशी दो बार आती हैं जो कि शुक्ल पक्ष एवं कृष्ण पक्ष के समय आती हैं।

एकादशी व्रत बहुत ही कठिन होता है क्यों की यह एकादशी तिथि से पहले सूर्यास्त से लेकर एकादशी से अगले सूर्य उदय तक रखा जाता है | यह 48 घंटे का व्रत होता है।

ekadashi vrat Importance

हिन्दू मान्यताओं के अनुसार एकादशी को ‘हरी वसर’ एवं ‘हरी दिन’ भी कहा जाता है। स्कन्द पुराण एवं पदम् पुराण में एकादशी के महत्व को भी बताया गया है। जो लोग एकादशी का व्रत रखते हैं वो व्रत वाले दिन गेहूं, मसाले एवं सब्जियां नहीं खाते।

Know the Pradosh vrat Tithi

व्रत रखने वाला व्यक्ति इस व्रत की तैयारी एकादशी से एक दिन पहले दशमी से ही प्रारंभ करते हैं। सर्व प्रथम पवित्र जल से स्नान करते हैं और बिना नमक का खाना ग्रहण करते हैं।

Ekadashi Vrat Vidhi

जैसा की आप सभी को ज्ञात है की व्रत वाले दिन हम अन्न नहीं खाते है इस दिन भी आप को ऐसा ही करना है | ताजा फल, सूखे मेवे, सब्जी एवं दूध से बनी मिठाई खा सकते है| अगर ऐसा कुछ नहीं है थो आप साबुदाना, मूंगफली एवं आलू खा सकते है | बाकि भगवन की भक्ति और स्मरण करते रहना चाहिये | और धन्यवाद कहना चाहिये जो कुछ भी भगवान ने हमे दिया|

Read about the purnima vrat

इस दिन कुछ लोग पानी भी नहीं पीते, इसलिए इसे निर्जला एकादशी भी कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की आराधना की जाती है। और हो सके तो एकादशी व्रत की कथा, कहानी, मंत्र पढ़ें और जय श्री हरि का नाम जपे|

एकादशी के अगले दिन को द्वादशी कहा जाता है। इस दिन सुबह उठकर भगवान को धन्यवाद कहना चाहिये और जल्दी नहाकर, दीपक जलाकर भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिये, व्रत में किसी भी तरह की अनजाने में हुई भूल की माफ़ी मांगनी | दशमी के दिन बनाया भोजन खाकर व्रत पूर्ण किया जाता है। और किसी भी तरह की व्रत की जानकारी के लिया प्रसिद्ध वैदिक पंडित पंकज शर्मा जी से बात करे |

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