Jai Ambe Gauri Maa Abme Aarti Lryics

Jai Ambe Gauri Maa Abme Aarti Lryics

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। आरती के बोल Jai Ambe Gauri maiya, jaa Shyama Gauri lyrics in Hindi and English. माँ अम्बे की पूजा और उनकी आराधना के लिये हम आरती जय अम्बे गौरी की आरती गाते है।

देखे आज का चौघड़िया

अम्बे माता की आरतीकी आरती जय अम्बे गौरी सुबह और संध्या पूजा के साथ साथ किसी विशेष त्यौहार या उत्सव पर माँ अम्बे को प्रसन्न करने के लिये गा सकते है।

Advertisement

जन्म कुंडली से जाने अपने जीवन के बारे में

You can download Jai Ambe Gauri maiya maa ambe aarti in MP3, Audio, Video, PDF free Download.

आने वाले प्रमुख त्यौहार देखे Festival Calendar.

Advertisement

आरती श्री अम्बा जी

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।

तुमको निशिदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥
जय अम्बे गौरी

माँग सिन्दूर विराजत, टीको मृगमद को।
उज्जवल से दो‌उ नैना, चन्द्रवदन नीको॥
जय अम्बे गौरी

कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै।
रक्तपुष्प गल माला, कण्ठन पर साजै॥
जय अम्बे गौरी

Advertisement

केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्परधारी।
सुर-नर-मुनि-जन सेवत, तिनके दुखहारी॥
जय अम्बे गौरी

कानन कुण्डल शोभित, नासाग्रे मोती।
कोटिक चन्द्र दिवाकर, सम राजत ज्योति॥
जय अम्बे गौरी

शुम्भ-निशुम्भ बिदारे, महिषासुर घाती।
धूम्र विलोचन नैना, निशिदिन मदमाती॥
जय अम्बे गौरी

Advertisement

चण्ड-मुण्ड संहारे, शोणित बीज हरे।
मधु-कैटभ दो‌उ मारे, सुर भयहीन करे॥
जय अम्बे गौरी

ब्रहमाणी रुद्राणी तुम कमला रानी।
आगम-निगम-बखानी, तुम शिव पटरानी॥
जय अम्बे गौरी

चौंसठ योगिनी मंगल गावत, नृत्य करत भैरूँ।
बाजत ताल मृदंगा, अरु बाजत डमरु॥
जय अम्बे गौरी

Advertisement

तुम ही जग की माता, तुम ही हो भरता।
भक्‍तन की दु:ख हरता, सुख सम्पत्ति करता॥
जय अम्बे गौरी

भुजा चार अति शोभित, वर-मुद्रा धारी।
मनवान्छित फल पावत, सेवत नर-नारी॥
जय अम्बे गौरी

कन्चन थाल विराजत, अगर कपूर बाती।
श्रीमालकेतु में राजत, कोटि रतन ज्योति॥
जय अम्बे गौरी

Advertisement

श्री अम्बेजी की आरती, जो को‌ई नर गावै।
कहत शिवानन्द स्वामी, सुख सम्पत्ति पावै॥
जय अम्बे गौरी

Download PDF Jai Ambe Gauri maiya Aarti lyrics in Hindi/English  Jai Ambe Gauri maa ambe Lyrics.

Jai Ambe Aarti Lyrics in English

Jai Ambe Gauri maiya, jaa Shyama Gauri
Nishdin tumko dhyavat, Hari Brahma Shivji,
Jai Ambe..

Advertisement

Mang sindur birajat, tiko mrigmad ko,
ujjvalse dou naina, chandravadan niko,
Jai Ambe….

Kanak saman kalevar, raktambar raje,
Raktapushp galmala, kanthhar saje,
Jai Ambe….

Kehari vahan rajat, khadg khappar dhari
sur nar munijan sevat, tinke dukhahari,
Jai Ambe….

Advertisement

Kanan kundal shobhit, nasagre moti
Kotik chandra divakar, samrajat jyoti,
Jai Ambe….

Shumbh- nishumbh vidare, MahishaSur ghatia
Dhumra-vilochan naina, nishdin madmati
Jai Ambe….

Chand-mund sanghare, shunit beej hare
Madhu Kaitabh dau mare, sur bhayheen kare
Jai Ambe….

Advertisement

Brahmani, Rudrani tum Kamala Rani,
Agam-nigam bakhani. turn Shiv patrani,
Jai Ambe….

Chaunsath yogini gavat, nritya karat Bhairon,
Bajat tab mridanga, aur bajat damru,
Jai Ambe…

Tum ho jag ki mata, tum hi ho bharta,
Bhaktan ki dukh harta, sukh sampati karta,
Jai Ambe….

Advertisement

Bhuja char ati shobhit, var mudra dhari,
Manvanchhit phal pavat, sevat nar nari,
Jai Ambe….

पूजा और किसी भी त्यौहार पर हिन्दू देवी देवताओ की आरती लिरिक्स का एक मात्र स्थान – आरती संग्रह

 

Advertisement
Spread the love