Purnima Vrat Dates 2022

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पूर्णिमा व्रत तिथि एंड मुहूर्त 2022

Purnima also called Poornima, Pournima, Punnami and purnamasi in english The full moon day is called Purnima.

पूर्णिमा अथवा पूर्णमासी यानि की पूरा चन्द्रमा हिंदू कैलेंडर का बहुत ही खास दिन होता है । हिन्दू धर्म में पूर्णिमा का बहुत अधिक महत्व है।

The full moon day is called Purnima (also Poornima, Pournima, Punnami and purnamasi).

दरअसल पंचांग में तिथियों का निर्धारण चंद्रमा के बढ़ते और छोटे होते आकार के आधार पर किया गया है जिस दिन को चंद्रमा अपने पूरे आकार में दिखाई देता है वह पूर्णिमा कहलाती है। और जिस दिन को चंद्रमा दिखाई ही नहीं देता वह अमावस्या होती है।

आइये समझते है चौघडिया
अमावस्या के बाद पड़ने दिनों को चंद्र दर्शन का दिन माना जाता है चंद्र दर्शन से पूर्णिमा तक के पूरे पखवाड़े को शुक्ल पक्ष कहा जाता है। पूर्णिमा की विशेषता यह भी है कि इस दिन पूर्णिमांत माह की समाप्ति भी होती है।

पूर्णिमा का महत्व 2021

पूर्णमासी का दिन हिंदू धर्म में बहुत मान्यता रखती है। बुध, कबीर, रैदास जैसी महान आत्माओं से लेकर रक्षाबंधन, होली जैसे त्यौहार भी पूर्णिमा तिथि पर ही मनाये जाते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भी पूर्णिमा तिथि को महत्वपूर्ण माना जाता है। चंद्रमा को मन का कारक माना जाता है। इस दिन चूंकि चंद्रमा अपने पूरे आकार में होता है इसलिये जातकों के मन पर चंद्रमा का प्रभाव पड़ता है।

वैज्ञानिक दृष्टि से भी देखें तो purnima vrat tithi की अहमियत होती है। इस दिन समुद्रों में ज्वारभाटा आता है। चंद्रमा पानी को आकर्षित करता है। मनुष्य के शरीर में भी 70 फीसदी पानी होता है। इसलिये मनुष्य के स्वभाव में भी इस दिन परिवर्तन आता है।

2022 Purnima Vrat Dates

Purnima in 2022 Punrima Vrat Purnima Date in 2022
Purnima January 2022 Paush Purnima 17 January (Monday)
Purnima February 2022 Magha Purnima 16 February (Wednesday)
Purnima March 2022 Phalguna Purnima 18 March (Friday)
Purnima April 2022 Chaitra Purnima 16 April (Saturday)
Purnima in May 2022 Vaishakha Purnima 16 May (Monday)
Purnima in June 2022 Jyeshtha Purnima 14 June (Tuesday)
Purnima in July 2022 Ashadha Purnima 13 July (Wednesday)
Purnima in August 2022 Shravana Purnima 12 August (Friday)
Purnima in September 2022 Bhadrapada Purnima 10 September (Saturday)
Purnima in October 2022 Ashwin Purnima 09 October (Sunday)
Purnima in November 2022 Kartika Purnima 08 November (Tuesday)
Purnima in December 2022 Margashirsha Purnima 08 December (Thursday)

2022 में कब-कब हैं पूर्णिमा तिथि

हिंदू वर्ष कैलेंडर के अनुसार प्रत्येक मास में एक पूर्णिमा तिथि होती है। इस प्रकार 12 महीनों में 12 तिथियां पूर्णिमा की होती हैं। वर्ष 2022 में पूर्णिमा की तिथियां इस प्रकार हैं-

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  • पौष पूर्णिमा (माघ स्नान)
  • माघ पूर्णिमा (रविदास जयंती, चंद्रग्रहण)
  • फाल्गुन पूर्णिमा (होली)
  • चैत्र पूर्णिमा (हनुमान जयंती)
  • वैशाख पूर्णिमा (बुद्ध जयंती)
  • ज्येष्ठ पूर्णिमा (वट पूर्णिमा)
  • आषाढ़ पूर्णिमा (गुरु पूर्णिमा, चंद्रग्रहण)
  • श्रावण पूर्णिमा (रक्षाबंधन)
  • भाद्रपद पूर्णिमा
  • आश्विन पूर्णिमा (शरद पूर्णिमा)
  • कार्तिक पूर्णिमा (गुरु नानक जयंती)
  • मार्गशीर्ष पूर्णिमा (दत्तात्रेय जयंती)

पूर्णिमा व्रत एवं पूजा विधि:

  • पूर्णिमा या पूर्णमासी के दिन आप व्रत रख सकते है। आप अपनी श्रद्धा अनुसार निर्जला या फलाहार उपवास रख सकते है।
  • इस दिन आप सुबह जल्दी उठकर सूर्योदय से पहले पवित्र जल से स्नान करे।
  • स्नान के बाद भगवान शिव व भगवान विष्णु की पूजा करे है।
  • पूर्णिमा व्रत का समय सूर्योदय से प्रारंभ होकर चन्द्र दर्शन पर पूर्ण होता है।

Important Purnima Vrats

Kartik Purnima

kartik purnima in 2020 on Monday, 30 November. कार्तिक पूर्णिमा को त्रिपुरी पूर्णिमा साथ ही गंगा स्नान के बहुत ही शुभकारी माना गया है, ‎कार्तिक पूर्णिमा को ‎सर्वकामना पूर्ति सिद्धि के अच्छा माना जाता है, इसलिये हम सबभी को कार्तिक पूर्णिमा को बढ़ी उत्सुकता के साथ इंतजार रहता है|

Guru Purnima

Guru Purnima or Poornima is a spiritual tradition  and culture dedicated to  guru (Teachers). अपने गुरु को सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त के इस उत्सव को लोग हर्ष और उल्लास के साथ मानते है| गुरु पूर्णिमा को हिन्दू कैलेंडरकी तिथि के अनुसार आषाढ़ माह की पूर्णिमा (Full moon day ) को मनाया जाता है।

Shravan Purnima

श्रावण पूर्णिमा का दिन विशेष महत्व रखता है क्योंकी यह पूर्णिमा रक्षाबंधन के त्यौहार के रूप में मनाया जाता है, साथ है इस दिन सप्त ऋषियों की पूजा करने का विधान है। श्रावण पूर्णिमा के दिन किए गए तप और दान जीवन में बड़ा महत्व रखते है। इसके अलावा इस दिन शिवालय जाकर शिव जी का जलाभिषेक करने से बहुत लाभ प्राप्त होता है।

श्रावण पूर्णिमा की मान्यताएं

  • चंद्रदोष से मुक्ति पाने का अच्छा दिन होता है।
  • भगवान विष्णु, शिव जी एवं कुल देवी देवताओं की पूजा करनी चाहिए।
  • श्रावण पूर्णिमा के दिन नये जनेऊ को धारण करने का कार्य भी किया जाता हैं।
  • श्रावण पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है।
  • वैदिक ज्योतिष के अनुसार श्रवण नक्षत्र की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती को माना जाता है। इसीलिए आज के दिन विद्या प्राप्ति और सद्बुद्धि से जुड़ा कोई कार्य भी ज़रूर सफल होता है।

What is Pahlgun Purnima (फाल्गुन पूर्णिमा)?

हिंदू कैलेंडर की तिथि पूर्णिमा, फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा के दिन को फाल्गुन पूर्णिमा कहा जाता है। ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार यह दिन फरवरी या मार्च के महीने में आता है। फाल्गुन के महीने में होली, महा शिवरात्रि और वसंत पंचमी त्यौहार मनाये जाते है।