रिजर्व बैंक का 200 टन सोना मोदी सरकार ने आते ही चोरी छुपे विदेश भेज दिया क्यों

रिजर्व बैंक का 200 टन सोना मोदी सरकार ने आते ही चोरी छुपे विदेश भेज दिया क्यों ? नवनीत चतुर्वेदी

दिल्ली दक्षिण लोकसभा से चुनाव लड़ रहे नवनीत चतुर्वेदी ने सरकार और रिजर्व बैंक पर बड़े गंभीर आरोप लगाए हैं चतुर्वेदी ने कहा कि रिजर्व बैंक का 200 टन सोना मोदी सरकार ने आते ही चोरी छुपे विदेश भेज दिया है चतुर्वेदी ने कहा बैंक ऑफ़ इंटरनेशनल सेटेलमेंट्स (बीआईएस) जो स्विजरलैंड में है। उसमें भेजा गया है। यह सोना विदेश में तब भेजा जाता है। जब वहां से कर्ज़ लेना हो, डॉलर लेना हो या क्षमता से अधिक नोट छापना हो।

चतुर्वेदी ने आरोप लगाया है, कि 1991 में जब देश आर्थिक संकट से गुजर रहा था। तब 45 टन सोना बैंक ऑफ़ इंग्लैंड में गिरवी रखा गया था। 2015 में मोदी सरकार ने एक बार फिर देश का सोना विदेश के बैंक आप इंग्लैंड और बैंक आफ इंटरनेशनल सेटलमेंट में रखा है। इस तथ्य को मोदी सरकार ने क्यों छुपाया है। रिजर्व बैंक भी इस बात की जानकारी क्यों नहीं दे रहा है।

नवनीत, यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा एक साजिश के तहत मोदी सरकार ने विदेश में सोना भेजकर बहुत बड़ी गड़बड़ी की है। रिजर्व बैंक के रिकॉर्ड में, 30 जून 2014 तक सोना भारत में ही रखा हुआ था। उसके बाद 200 टन सोना विदेश गया है। वित्त मंत्री और रिजर्व बैंक ने यह बात क्यों छुपाई। किस लिए सोना विदेश भेजा गया। यह कब वापस आएगा। यह जानकारी भी रिजर्व बैंक और वित्त मंत्रालय नहीं दे रहा है।

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दिल्ली के खोजी पत्रकार नवनीत चतुर्वेदी का दावा है, कि उन्होंने, गुजरात के जब मोदी मुख्यमंत्री थे।उस समय जीएसपीसी के घोटाले को उजागर किया था।उनका यह भी कहना कहना है, कि राफेल का घोटाला भी उन्होंने उजागर किया था। जिसे कांग्रेस पार्टी ने अपना मुख्य मुद्दा बना लिया है। नवनीत चतुर्वेदी का यह भी कहना है, कि भाजपा के आंतरिक फंड में बड़े पैमाने हुए घोटाले को उन्होंने उजागर किया था। इस सारे मामले को मोदी सरकार ने दबाकर रखा है।

पुरानी कहावत है, चुनाव लड़ते हैं, तो 5 पीढ़ियों का इतिहास विपक्षी सामने ले आते हैं। कुछ ऐसी ही स्थिति 2019 के चुनाव में देखने को मिल रही हैं। इतिहास जानने के लिए चुनाव मैदान में उतरना जरूरी है।

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