मुलायम सिंह यादव ने कहा, आज़म खान एवं उनके परिवार पर अत्याचार नहीं सहेंगे समाजवादी

मुलायम सिंह यादव ने कहा, आज़म खान एवं उनके परिवार पर अत्याचार नहीं सहेंगे समाजवादी

समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव अपनी पार्टी के नेता आजम खान के बचाव में उतर आए हैं. मुलायम ने मंगलवार को कहा कि आजम पर गलत तरीके से केस दर्ज किए गए. उनके ऊपर बेबुनियाद जमीन हड़पने के आरोप लगाए गए. आजम ने गरीबों की लड़ाई लड़ी. चंदे के पैसे से जौहर यूनिवर्सिटी बनाई, जिसमें देश-विदेश के छात्र पढ़ते हैं. हम इस कार्रवाई के खिलाफ पूरे प्रदेश में आंदोलन चलाएंगे.

मुलायम सिंह यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आठ बड़ी बात कही

1. भीख मांगकर चन्दे से बनायी गयी यूनिवर्सिटी को तबाह करने की कोशिश है।

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2. सारी ज़िन्दगी की कमाई और मेहनतों से मो0 आज़म खां ने यह यूनिवर्सिटी बनायी है उन्होंने इसकी तामीर के लिए एम0एल0ए0 कोटे से मिले मकान को भी बेच दिया और वह स्वयं आज भी पतली गली के एक छोटे से मकान में रहते हैं।

3. यूनिवर्सिटी के निर्माण के लिए सैकड़ो बीघा जमीन खरीदने वाला इंसान डेढ़-दो बीघा जमीन की बेईमानी कर ही नहीं सकता मात्र दो बीघा जमीन के लिए 27 गंभीर धाराओं में मुक़दमे दर्ज कर लिए गए वो जमीनें 13 से 15 वर्ष पूर्व खरीदी गई हैं। स्वयं राजस्व निरीक्षक अपनी एफ0 आई0 आर0 में लिखते हैं कि एक गाटा संख्या यूनिवर्सिटी परिसर के बाहर है उसी गाटा संख्या के आधा दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज कर लिए गए। सिविल मामलों को आपराधिक मुकदमों में तब्दील कर दिया गया है।

4. ज़िन्दगी भर गरीबों और मजलूमों के हक की लड़ाई लड़ने वाले मो0 आजम खां कैसे जालिम और गरीब विरोधी हो सकते हैं।

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5. वक्फ की जमीन से कब्जा तात्कालीन जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक द्वारा हटाया गया और वर्षो बाद इसी तारतम्य में लूट, डकैती की रिपोर्ट मो0 आज़म खां, उनके साथियों तथा समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं के विरूद्ध लिखी गयीं।

6. सरकारी जमीन पर सरकारी आवास बनाने के लिए सरकार द्वारा जिन अवैध कब्जों को हटाया गया वर्षो बाद अवैध कब्जाधारियों की शिकायत पर शासन द्वारा मो0 आजम खां और समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं पर लूट डकैती के झूठे मुकदमे दर्ज किए गये हैं। इस प्रकार मो0 आज़म खां पर लगभग 80 मुकदमे तथा समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं पर हजारों मुकदमें दर्ज किए गए हैं। राजनैतिक प्रतिशोध का ऐसा भयावह रूप मैने अपने पूरे राजनैतिक जीवन में न देखा और न सुना है राजनीतिक विवाद का यह मतलब होता है कि ऐसा ख्याल भी नहीं आया था। राजनीतिक जीवन में मतभेद तो देखे हंै लेकिन मनभेद की जो डरावनी सूरत बीते 3 माह में रामपुर में देखी है उसकी कल्पना भी नहीं की थी।

7. मो0 आज़म खां की सगी बूढ़ी 75 वर्षीय बहन को घर के अंदर से जो नमाज पढ़ चुकी थी और भोजन करने के लिए बैठी ही थी कि थाने का दरोगा पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता और अश्लीलता के साथ घसीटते हुए थाने ले जाते हैं तथा थाने में भी अमानवीय बर्ताव करते हुए 10-11 सादे कागजों पर हस्ताक्षर करा लेता है। इस अत्याचार को देखकर जब बूढ़ी महिला की हालत बिगड़ती है तो उन्हें आनन-फानन में गाड़ी में दोबारा डालकर घर पर पटक दिया जाता है जहां से उन्हे अस्पताल ले जाया गया जहां ई0सी0जी0 आदि की जांच उपरांत हार्ट अटैक के गंभीर लक्षण पाए गए तथा 3 दिन बाद अस्पताल ने इलाज हेतु किसी बड़े अस्पताल के लिए रिफर कर दिया जहां वो बूढ़ी महिला आज मौत और जिंदगी की जंग लड़ रही है। उनका गुनाह बस यह है कि वो मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट की कोषाध्यक्ष हैं और उससे भी बड़ा गुनाह यह है कि वो मो0 आज़म खान की सगी बहन हैं।

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8. इस समय रामपुर देश का सबसे चर्चित जिला है और इस समय मो0 आज़म खां के चरित्र हनन की कोई कोशिश इसलिए भी नहीं छोड़ी जा रही चूकि उनका पूरा जीवन सादगी और ईमानदारी का प्रतीक है। संतोष इस बात का है कि यह सारे आरोप शिक्षा के मंदिरों को बनाने के लिए लगे हैं और सरकारें इन मंदिरों को मिटाना चाहती हैं परन्तु ऐसा नहीं होगा जीत न्याय की होगी।

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