सपा - बसपा गठबंधन की हुई घोषणा, जानिए किसको कितनी सीट मिली

सपा – बसपा गठबंधन की हुई घोषणा, जानिए किसको कितनी सीट मिली

शनिवार को समाजवादी पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी एवं बहुजन समाज पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष बहन कु॰ मायावती जी ने संयुक्त प्रेसवार्ता की और सपा – बसपा गठबंधन की घोषणा कर दी। पत्रकारों से बात करते हुए बसपा राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती जी ने बताया की सपा – बसपा प्रदेश की 80 लोकसभा सीटो में से 38 – 38 पर चुनाव लड़ेगी। जिसमे बाकि बची सीटे वो अपने सहयोगी पार्टी के लिए छोड़ दिए है।

पत्रकारों से बात करते हुए बसपा अध्यक्ष मायावती ने कहा कि बोफोर्स की वजह से कांग्रेस की सरकार गई थी, अब राफेल की वजह से बीजेपी की सरकार जाएगी। राफेल बीजेपी को ले डूबेगी।

उन्होंने कहा कि यूपी में बीजेपी ने बेइमानी से सरकार बनाई है। जनविरोधी को सत्ता में आने से रोकेंगे। बीजेपी की अहंकारी सरकार से लोग परेशान है। जैसे हमने मिलकर उपचुनावों में बीजेपी को हराया है, उसी तरह हम लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराएंगे।

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इतना ही नहीं बसपा अध्यक्ष मायावती ने कहा कि बीजेपी ने प्रदेश में बेईमानी से सत्ता हासिल की है। हमने गठबंधन में कांग्रेस को नहीं रखा। कांग्रेस या बीजेपी कोई आए, दोनों में एक ही बात है। कांग्रेस और बीजेपी की नीतियां एक जैसी है। दोनों सरकारों का हाल एक जेस ही रहे हैं। अगर हम कांग्रेस से गठबंधन करते हैं तो हमें घाटा होगा. क्योंकि कांग्रेस के समय में भी भ्रष्टाचार हुआ।

पत्रकारों से बात करते हुए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा की ” भाजपा के अहंकार का विनाश करने के लिए सपा-बसपा का मिलना जरूरी था। मैनें कहा था कि इस गठबंधन के लिए अगर दो कदम पीछे भी हटना पड़ा तो हम करेंगे। आज से सपा का कार्यकर्ता यह गांठ बांध ले कि मायावती जी का अपमान मेरा अपमान होगा। हम समाजवादी हैं औऱ समाजवादियों की विशेषता होती है कि हम दुख और सुख के साथ होते हैं। बीजेपी हमारे बीच गलतफैमी पैदा कर सकती है। बीजेपी दंगा-फसाद भी कराया जा सकता है लेकिन हमें संयम और धैर्य से काम लेना है। मैं मायावती जी के इस निर्णय का स्वागत करता हूं। मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि अब बीजेपी का अन्त निश्चिचत है। ”

अखिलेश यादव ने कहा कि मायावती जी पर बीजेपी नेताओं ने अशोभनीय टिप्पणियां की। इन नेताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की बल्कि उन्हें मत्रालय देकर उनका सम्मान की। मैं बता देना चाहता हूं कि मायावतीजी का सम्मान मेरा सम्मान है और उनका अपमान मेरा अपमान है।

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