15 फीसदी आबादी वालों को 10 फीसदी आरक्षण क्यों - तेजस्वी यादव

15 फीसदी आबादी वालों को 10 फीसदी आरक्षण क्यों – तेजस्वी यादव

केंद्र की सत्तारूढ़ मोदी सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर गरीब सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण देने का बड़ा फैसला किया है। इसे लेकर मोदी सरकार कल लोकसभा में संशोधन बिल भी पेश कर सकती है। केंद्र की इस निर्णय पर आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि आर्थिक आधार पर आरक्षण देने का कोई संविधान में प्रावधान नहीं है। लोकसभा में तय करेंगे कि गरीब सवर्णों पर आए इस संविधान संशोधन पर क्या करना है। तेजस्वी ने कहा कि जब 15 फीसदी आबादी वालों को 10 फीसदी आरक्षण देने की बात हो रही है तो 85 फीसदी वालों को 90 फीसदी आरक्षण दिया जाना चाहिए।

हम आप को बता दें कि इसमें उन लोगों को शामिल किया जाएगा जिनकी सालाना आय 8 लाख से कम हो , 5 एकड़ तक ज़मीन हो ,रहने का मकान 1,000 स्क्वायर फीट से कम हो , रिहायशी प्लॉट अगर शहरी श्रेत्र में आता है तो वह 100 यार्ड से कम हो , रिहायशी प्लॉट शहरी क्षेत्र के बाहर हो तो यह 200 यार्ड से कम होना चाहिए।

हम आप को ये भी बता दें कि 16 नवंबर, 1992- को सुप्रीम कोर्ट ने इंद्रा साहनी और अन्य बनाम भारत संघ और अन्य (AIR 1993 SC 477) में अपना फैसला सुनाया। जिसमें माना गया कि अनुच्छेद 16 (4) के तहत कुल आरक्षण 50 फीसदी से अधिक नहीं होना चाहिए।

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