maa-Chandrghanta

Maa Chandraghanta

माँ ब्रह्मचारिणी की आरती नवरात्री के तीसरे दिन की पूजा के लिये| जय चंद्रघंटा माता लिरिक्स| नवरात्रि के तीसरे दिन चंद्रघंटा का ध्यान। मस्तक पर है अर्ध चन्द्र, मंद मंद मुस्कान

चंद्रघंटा माता की आरती

नवरात्रि के तीसरे दिन चंद्रघंटा का ध्यान। मस्तक पर है अर्ध चन्द्र, मंद मंद मुस्कान॥

दस हाथों में अस्त्र शस्त्र रखे खडग संग बांद। घंटे के शब्द से हरती दुष्ट के प्राण॥

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सिंह वाहिनी दुर्गा का चमके सवर्ण शरीर। करती विपदा शान्ति हरे भक्त की पीर॥

मधुर वाणी को बोल कर सब को देती ग्यान। जितने देवी देवता सभी करें सम्मान॥

अपने शांत सवभाव से सबका करती ध्यान। भव सागर में फसा हूँ मैं, करो मेरा कल्याण॥

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नवरात्रों की माँ, कृपा कर दो माँ। जय माँ चंद्रघंटा, जय माँ चंद्रघंटा॥

नवरात्री के तीसरे दिन माता चंद्रघंटा की पूजा के दौरान यह आरती विशेष रूप से गायी जाती है । देखे नवरात्री के चौथे दिन की आरती

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