Ram Navmi Puja Aur Shubh Muhurat

2020 में रामनवमी पूजा का महूर्त : सुबह 11 बजकर 10 मिनट से दोपहर 1 बजकर 38 मिनट तक।11:10 से 13:38

पूजा करने का पूरा कार्यकाल: 2 घंटे और 28 मिनट।

रामनवमी हिन्दुओ का एक धार्मिक और पारम्परिक त्योहार है, जो की इस धर्म के लोगों के द्वारा पूरे उत्साह के साथ हर साल मनाया जाता है। यह अयोध्या के राजा दशरथ और रानी कौशल्या के पुत्र भगवान राम, के जन्मदिन के रुप में मनाया जाता है। हम आप को बता दे की भगवान राम, हिन्दू देवता, भगवान विष्णु के दशावतार में से 7वें अवतार थे।

Advertisement

हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, यह त्योहार हर वर्ष चैत्र मास (महीने) के शुक्ल पक्ष के 9वें दिन पड़ता है। रामनवमी को चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की नवमी भी कहा जाता है, जो नौ दिन लम्बें चैत्र-नवरात्री के त्योहार के साथ समाप्त होती है।

रामनवमी का इतिहास

राम नवमी का त्यौहार हर साल मार्च – अप्रैल महीने में मनाया जाता है। राम नवमी का त्यौहार पिछले कई हजार सालों से मनाया जा रहा है। राम नवमी का त्यौहार भगवान विष्णु के सातवें अवतार राम के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है। महाकाव्य रामायण के अनुसार अयोध्या के राजा दशरथ की तीन पत्नियाँ थीं लेकिन कोई भी राजा दशरथ को संतान का सुख नहीं दे पायी थी। राजा दशरथ को पुत्र प्राप्ति के लिए ऋषि वशिष्ठ ने कमेष्टि यज्ञ कराने का विचार दिया। इसके पश्चात् राजा दसरथ ने महर्षि रुशया शरुंगा से यज्ञ कराया। यज्ञ समाप्ति के बाद महर्षि ने दशरथ की तीनों पत्नियों को एक-एक कटोरी खीर खाने को दी और खीर खाने के कुछ महीनों बाद तीनों रानियाँ गर्भवती हो गयीं और ठीक 9 महीने बाद राजा दशरथ की तीनों रानियाँ ने बच्चों को जन्म दिया। सबसे बड़ी रानी कौशल्या ने राम, कैकयी ने भरत को और सुमित्रा ने जुड़वा बच्चों लक्ष्मण और शत्रुघ्न को जन्म दिया। भगवान राम का जन्म धरती पर दुष्ट प्राणियों को खत्म करने के लिए हुआ था।

नवरात्रि साल में 4 बार आती है

नवरात्रि के दौरान माँ दुर्गा के 9 रूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि साल में 4 बार आती है, इन चार में से केवल दो चैत्र नवरात्रि और शरद नवरात्रि धूमधाम से मनाए जाते हैं। शरद नवरात्रि को महानवरात्रि भी कहा जाता है। यह सितंबर-अक्टूबर के महीने में पड़ता है। इस नवरात्रि के 10 वें दिन को दशहरा के रूप में भी मनाया जाता है। वहीं, चैत्र नवरात्रि मार्च-अप्रैल या हिंदू कैलेंडर के चैत्र महीने में पड़ती है। शरद नवरात्रि के 10 वें दिन को दशहरा के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भगवान राम रावण पर विजयी हुए थे। वहीं, चैत्र नवरात्रि के नौवें दिन को राम जी के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। इसे राम नवमी भी कहा जाता है। शरद नवरात्रि और राम नवरात्रि के अलावा, दो और नवरात्रि हैं, गुप्त नवरात्रि और माघ नवरात्रि।

Advertisement
Advertisement
Spread the love