यश भारती पुरस्कार न मिलने की बात करके बुरे फसे गोरखपुर सांसद रवि किशन

यश भारती पुरस्कार न मिलने की बात करके बुरे फसे गोरखपुर सांसद रवि किशन, जिलाध्यक्ष का दावा मिला 82.50 लाख का चेक

लखनऊ : यश भारती पुरस्कार को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और गोरखपुर सांसद रवि किशन के बीच बहस का मामला तूल पकड़ने लगा है। बुधवार को गोरखपुर में सपा जिलाध्यक्ष प्रह्लाद यादव ने रवि किशन का एक फोटो जारी किया है। जिसमें रवि किशन पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के हाथों सम्मान राशि का चेक लेते हुए नजर आ रहे हैं। जिलाध्यक्ष ने कहा कि, रवि किशन झूठ बोल रहे हैं। उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए।

जिलाध्यक्ष का दावा- रवि किशन को मिला 82.50 लाख का चेक
जिलाध्यक्ष ने कहा कि, सपा सरकार में कला संस्कृति विभाग द्वारा रवि किशन को भोजपुरी व कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यश भारती सम्मान से नवाजा था। उस दौरान रवि किशन को 82 लाख 50 हजार रुपए का चेक दिया गया था। रवि किशन को याद रखना चाहिए कि वे सिर्फ कलाकार नहीं बल्कि देश की जनता द्वारा चुने हुए सांसद हैं। लेकिन उन्होंने लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर में देश की जनता से झूठ बोला है।

जिलाध्यक्ष ने कहा कि, भाजपा में जाने के बाद रवि किशन ने झूठ बोलना शुरू कर दिया है। क्योंकि भाजपा में यही पाठ पढ़ाया जाता है कि, जनता झूठ पसंद करती है। इसलिए जनता के सामने सिर्फ झूठ बोलना है। यह वही भाजपा है, जिसने झूठ बोलकर अभी तक भगवान राम को टेंट में रखा है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि, रवि किशन के अलावा कला एवं संस्कृति विभाग की तरफ से विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को सम्मानित किया गया था।

यह है पूरा मामला
सदन में प्रश्नकाल के दौरान पद्म पुरस्कारों से जुड़ा पूरक प्रश्न पूछने के दौरान सपा सदस्य अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश की पूर्व सपा सरकार विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वालों को यश भारती सम्मान देती थी और पेंशन के तौर पर 50 हजार रूपए मासिक की राशि भी दी जाती थी। कहा कि, इस सदन में मौजूद सदस्य रवि किशन को भी यश भारती मिल चुका है। मेरा सवाल है कि क्या केंद्र सरकार भी पद्म पुरस्कारों से सम्मानित लोगों के लिए कोई सम्मान राशि देना शुरू करेगी? इसके जवाब में गोरखपुर सांसद व अभिनेता रवि किशन ने कहा कि, कोई पुरस्कार और रुपए न ही अखिलेश सरकार में और न ही कभी मायावती सरकार में उन्हें मिला था।

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