हिंदमहासागर में चीन की हलचल पर बोले एडमिरल सुनील लाम्बा

नई दिल्ली/चेन्नई

हिन्द महासागर में चीन की हलचल –

हिंद महासागर क्षेत्र में हाल के वर्षों में चीन की हलचल तेजी से बढी है। भारतीय नौसेना को पल पल की जानकारी है और पूरी सतर्कता के साथ नजर भी रखी जा रही है ।

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नौसेना दिवस से एक दिन पहले सोमवार को नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा ने साफ कहा कि हिंद महासागर में शक्ति संतुलन चीन के मुकाबले भारत के पक्ष में है ।

इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय नौसेना पाकिस्तानी नौसेना से कहीं आगे है। नौसेना प्रमुख से दो मोर्चों पर युद्ध लड़ने कीं क्षमता के बारे में जब सबाल किया गया तो उन्होंने कहा कि जहां तक भारतीय नौसेना की बात है तो हमारे लिए दो मोर्चे नहीं हैं। हमारे लिए एक ही मोर्चा है और वह हिंद महासागर है ।

सोमवार को ही तमिलनाडु एवं पुडुचेरी नौसैन्य क्षेत्र के फ्लैग आँफिसर कमांडिंग, रियर एडमिरल आलोक भटनागर ने बताया, ‘पिछले कुछ वर्षों में हिंद महासागर में चीन की मौजूदगी बढी है । अच्छी बात यह है कि हमें इस बात की जानकारी है। हम क्षेत्र में उनकी गतिविधियों के बारे में जानते हैं और हम बहुत सावधानी से उसपर नजर रखै हुए है। ‘

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नौसेना की तैयारी पर बोले –

भटनागर ने यह भी कहा, ‘उनके (चीन) पास हमारी तरह अधिकार है कि वह विश्व के किसी हिस्से में मौजूद रह सकते हैं। ‘ हर साल 4 दिसंबर को मनाए जाने वाले भारतीय नौसेना दिवस के जश्न की घोषणा करने के दौरान उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी।

क्षेत्र में चीन की उपस्थिति से किसी तरह के खतरे से निबटने के लिए नौसेना कीं तैयारी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना की क्षमताएं मिशन आधारित होती है और किसी देश के खिलाफ लक्षित नहीं होती है।

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भटनागर ने कहा, ‘कुछ वर्षो से भारतीय नौसेना ने एक मिशन के आधार पर अपने बल को विकसित किया है । हमारी क्षमताएं किसी देश के खिलाफ लक्षित न होकर मिशन आधारित होती हैं।

हमें जब भी कोई मिशन दिया जाएगा, उसे पूरा करने में हम सफल होंगे । ‘ आपको बता दे कि 1971 में भारत पाकिस्तान युद्ध में मिली जीत का जश्न मनाने के लिए हर साल नौसैना दिवस मनाया जाता है।

अपनी करीब 70 मिनट की मीडिया ब्रीफिग में एडमिरल ने नौसेना को आधुनिक बनाने के लिए उठाए गए विभिन्न कदमों को गिनाया, जिनमें लडाकू विमानों और हेलिकॉप्टरों का एक बड़ा बेड़ा भी शामिल है।

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उन्होंने कहा कि दूसरा स्वदेशी विमानवाहक पोत का निर्माण कार्य 3 साल के अंदर शुरू हो जाने की उम्मीद है।

तीनों सेनाओं के प्रमुख की नियुक्ति पर क्या कहा?

सेना के तीनों अंगों (थल सेना, वायुसेना और नौसेना) के प्रमुख के तौर पर चीफ आँफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) नियुक्त करने के लंबे समय से लंबित प्रस्ताव के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि थल सेना, नौ सेना और वायुसेना के बीच इस पर सर्वसम्मति है तथा इस विषय पर एक प्रस्ताव मंत्रालय को भेजा गया है ।

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