इलाहाबाद स्टेट यूनिवर्सिटी का भी नाम बदल जाएगा : दिनेश शर्मा

बदलेगा एएसयू का नाम

इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय (एएसयू) का भी बहुत जल्द नाम बदल जाएगा। प्रदेश के डिप्टी सीएम एवं शिक्षा मंत्री प्रो. दिनेश शर्मा ने शनिवार को एएसयू के दीक्षांत समारोह के दौरान इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय नाम से यह पहला और अंतिम दीक्षांत समारोह है।

प्रयागराज राज्य विश्विद्यालय करने का प्रस्ताव

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प्रो. राजेंद्र प्रसाद ने इस विश्वविद्यालय का नाम बदलकर प्रयागराज राज्य विश्वविद्यालय करने का प्रस्ताव भेजा है। कुलाधिपति एवं राज्यपाल राम नाईक की अनुमति से बहुत जल्द नाम बदलने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी।

परीक्षाएं भी होंगी नकलविहीन

मंत्री ने कहा कि यूपी बोर्ड की भांति राज्य विश्वविद्यालयों और उससे संबद्ध कॉलेजों की वार्षिक परीक्षाएं भी नकलविहीन कराई जाएंगी।

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लगेंगे CCTV कैमरे

इसके लिए परीक्षा कक्ष में सीसीटीवी कैमरा लगाने सहित कई अन्य एतहियाती कदम उठाए जा रहे हैं। परीक्षा केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया तय कर दी गई है। उन्होंने कहा कि नकल रोकने के लिए किए गए उपायों के सुपरिणाम सामने आने लगे हैं।

पिछले वर्ष पूरे प्रदेश में लगभग 16 लाख डिग्री वितरित की गई थी, इस वर्ष डिग्री पाने वालों की संख्या लगभग 3.5 लाख कम हो गई। ऐसा नकलविहीन परीक्षा के लिए किए गए उपाय की वजह से हुआ।

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इसी तरह यूपी बोर्ड की परीक्षा में नकल रोकने के लिए सीसीटीवी कैमरा, आधार कार्ड आदि उपाय किए जाने से नकल कर परीक्षा देने के लिए दूसरे राज्यों से आने वाले परीक्षार्थियों की संख्या में कमी आई और पंजीकृत परीक्षार्थियो की संख्या में लगभग  12 लाख से ज्यादा की कमी हुई।

सितंबर या अक्तूबर के महीने में होगा दीक्षांत

शिक्षा मंत्री प्रो. शर्मा ने बताया कि अगले वर्ष से सभी निजी और राज्य विश्वविद्यालयों का दीक्षांत समारोह सितंबर और अक्तूबर में संपन्न हो जाएगा। यह व्यवस्था इसी वर्ष से लागू होनी थी लेकिन किन्हीं कारणों से इलाहाबाद राज्य विवि के दीक्षांत समारोह में देरी हो गई। बताया कि यह इस वर्ष का अंतिम दीक्षांत समारोह है।

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शिक्षा मंत्री ने कहा : रोकेंगे प्रतिभा पलायन

शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस समय सबसे बड़ी समस्या प्रतिभा पलायन की है। इसके लिए प्रदेश सरकार की ओर से उपाय किए जा रहे हैं ताकि उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने वालों की संख्या कम हो और यहां से शिक्षित होने वाले यहीं पर रहकर देश के लिए काम कर सकें। इस दिशा में गुणवत्तायुक्त उच्च शिक्षा के साथ ही शोध पर भी ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है।

गुणवत्तायुक्त शोध केंद्र बनेंगे

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गुणवत्तायुक्त शोध के लिए सभी विश्वविद्यालयों में पंडित दीन दयाल उपाध्याय शोध केंद्र की स्थापना की गई है। पाठ्यक्रम के अनुरूप शैक्षिक कैलेंडर तैयार कर उसका सख्ती से पालन करवाया जा रहा है।

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