यूपी में बीजेपी नहीं रोक पा रही अपने सांसदों को

यूपी में बीजेपी नहीं रोक पा रही अपने सांसदों को, बीजेपी छोड़ सपा में शामिल हुए प्रयागराज के ये सांसद

प्रयागराज पूर्व नाम इलाहाबाद से भारतीय जनता पार्टी के मौजूदा सांसद श्यामाचरण गुप्ता ने समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है। यह भी कहा जा रहा है की उन्होंने भारतीय जनता पार्टी से बगावत कर समाजवादी पार्टी का हाथ थामा है।

इन्हें बांदा संसदीय सीट से उम्मीदवार बनाया गया है । ज्ञात है की श्री गुप्ता जी बीड़ी व्यवसायी है।श्री गुप्ता जी ने 2004 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर लोकसभा का चुनाव जीता था।

जबकि गत लोकसभा चुनाव में भाजपा से सांसद चुने गए थे। अब उन्होंने एक बार फिर समाजवादी पार्टी का दामन थामा है और वही भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।

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शनिवार को हलचल तब मच गई जब 7वीं सूची मे प्रदेश का अपना 17वां उम्मीदवार लोकसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी ने घोषित किया।

जिसमे भाजपा के मौजूदा सांसद श्यामाचरण गुप्ता जी का नाम था। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ महेंद्र नाथ पांडेय ने कहा कि सांसद श्यामाचरण गुप्ता और उनके पुत्र को उनके गलत कार्यों का अहसास हो गया था। इसीलिए उन्होंने भाजपा का साथ छोड़ सपा का हाथ पकड़ा है।

श्यामाचरण गुप्त के लिए बांदा – चित्रकूट संसदीय क्षेत्र का चुनावी मैंदान चिरपरिचित है । यही बजह है कि उन्हें एक बार फिर सपा ने यहां से अपना उम्मीदवार बना कर उतारा है ।

जानकारों के मुताबिक़ श्यामाचरण के जरिए सपा-बसपा गठबंधन ने बड़ादांव खेला है । यहां राजनीतिक समीकरण बदलते नजर आ सकते हैं ।

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और यह भी कहा जा रहा है कि श्यामाचरण गुप्त को टिकट दिए जाने से गठबंधन का वह खेमा नाराज हो सकता है, जो कि पूर्व सांसद और दस्यु ददुआ के भाई लाल कुमार पटेल को टिकट दिलाने के समर्थन में था ।

बाँदा-चित्रकूट संसदीय क्षेत्र में क़रीब दो लाख वैश्य मतदाता हैं, जो कि सांसद चुनने में निर्णायक भूमिका अदा करते है।
गठबंधन के दोनो दलों ने अपने परम्परिक वोटों के साथ श्यामाचरण के ज़रिए सर्व वैश्य मतदाताओं को साधने की कोशिश की है ।

बांदा-चित्रकूट लोकसभा सीट में जातीय समीकरण की यदि बात की जाए तो यहां लगभग 19 लाख मतदाता हैं। जिनमे से लगभग दो लाख वैश्य, करीब डेढ लाख मुस्लिम और दो लाख 40 हजार ब्राह्मण मतदाता हैं । यादव और एससी के मतदाताओं की सख्या करीब पांच लाख के आस पास है।

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