मोदी सरकार के इशारे पर हो रहा सीबीआई का इस्‍तेमाल, धरने पर बैठी ममता बनर्जी

दरअसल बात ये है चिटफंड घोटाले (ChitFund scam) में कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के घर पहुंचे CBI अधिकारियों और पुलिस के बीच हाथापाई की ख़बर है।  पुलिस ने CBI अधिकारियों को वारंट दिखाने को कहा और उन्हें कमिश्नर आवास के अंदर जाने से रोक दिया। बताया जा रहा है कि पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार (Kolkata Police Chief Rajeev Kumar) के पार्क स्ट्रीट स्थित घर पर पहुंची सीबीआई टीम को पहले पार्क स्ट्रीट थाने ले जाया गया। उसके बाद स्थानीय शेक्सपियर सरणी थाने ले जाया गया है। इस हाईवोल्टेज ड्रामे के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कमिश्नर राजीव कुमार के घर पहुंच गईं। उन्होंने कहा कि सीबीआई का सियासी इस्तेमाल हो रहा है। ये प्रतिशोध की राजनीति है। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के इशारे पर एनएसए अजीत डोभाल इसे अंजाम दे रहे हैं।’
इतना ही नहीं सीबीआई के अंतरिम निदेशक एम नागेश्वर राव ने कहा कि राजीव कुमार के खिलाफ हमारे पास सबूत हैं और हम सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार चिटफंड घोटाले की जांच कर रहे हैं। इस मामले में तमाम सबूतों को नष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है। हमें सारे दस्तावेज नहीं सौंपे जा रहे हैं। दूसरी तरफ इस मामले में सियासत भी शुरू हो गई है। तो वहीं, भाजपा इस मामले पर राज्य सरकार के खिलाफ हमलावर है। हम आपको बता दें कि इससे पहले कमिश्वर राजीव कुमार के घर पहुंचे सीबीआई अधिकारियों को हिरासत में ले लिया गया था। पुलिस ने CBI अधिकारियों को वारंट दिखाने को कहा और उन्हें कमिश्नर आवास के अंदर जाने से रोक दिया।

 

अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी का समर्थन करते हुए कहा ” भाजपा सरकार की उत्पीड़नकारी नीतियों और CBI के खुलेआम राजनीतिक दुरुपयोग के कारण जिस तरह देश, संविधान और जनता की आज़ादी ख़तरे में है, उसके ख़िलाफ़ ममता बनर्जी जी के धरने का हम पूर्ण समर्थन करते हैं । आज देश भर का विपक्ष और जनता अगले चुनाव में भाजपा को हराने के लिए एकजुट है ।”

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इतना ही नहीं तेजश्वी यादव ने भी ममता बनर्जी का किया समर्थन और कहा ” बीते कुछ महीनो में CBI पर BJP दफ्तर के दवाब में लिए गए राजनीतिक निर्णयों के कारण राज्य सरकारों को ऐसा निर्णय लेना पड़ेगा। अगर अब भी CBI भाजपा के गठबंधन सहयोगी की तरह कार्यरत रही तो किसी दिन न्यायप्रिय आम अवाम अपने तरीक़े से इनका हिसाब ना कर दे। लोकतंत्र में जनता से बड़ा कोई नहीं”

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