जीएसटी और नोटबंदी से भारतीय अर्थव्यवस्था सुस्त- रघुराम राजन

जीएसटी और नोटबंदी से भारतीय अर्थव्यवस्था सुस्त- रघुराम राजन

नई दिल्ली: रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने एक इंटरव्यू में कहा कि रिज़र्व बैंक जैसे संस्थाओं में सरकार का दखल देना देसी और विदेशी निवेश पर असर डाल सकता है। जब दुनिया की अर्थव्यवस्था विकास पर था जीएसटी और नोटबंदी से भारतीय मुद्रा,अर्थव्यवस्था सुस्त हो गया। देश में बेरोजगारी एक बहुत ही गंभीर समस्या है। नोटबंदी एक ख़राब विचार था। भारत को जीएसटी और नोटबंदी से नुकसान हुआ है

रघुराम राजन ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था के सामने तीन सबसे बड़े चुनौतियां हैं, किसानों की बदहाली, पावर सेक्टर और बैंकिंग सिस्टम में संकट। नोटबंदी एक ख़राब विचार था। भारत को जीएसटी और नोटबंदी से नुकसान हुआ है। जब दुनिया की विकास विकास पर था जीएसटी और नोटबंदी से भारतीय मुद्रा सुस्त हो गया। देश में बेरोजगारी की हालत ये है कि रेलवे की नब्बे हज़ार नौकरियां के लिए ढाई करोड़ लोग ने फॉर्म भरे है। बेरोजगारी एक बहुत ही गंभीर समस्या है। रोज़गार और मीडिया में महिलाओं की घटती भागीदारी भारत के लिए एक बड़ी चिंता की बात है।

उर्जित पटेल के इस्तीफे पर रघुराम राजन ने कहा- हर भारतीय को चिंतित होना चाहिए तुगर रिज़र्व बैंक सरकार को ना सिर्फ मुनाफ़े सर सरप्लस का भी हिस्सा देने लगेगा रेटिंग में गिरावट आने की आशंका है।

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जीडीपी से जुड़े आंकड़े की समीक्षा पर भारतीय और विदेशी विशेषज्ञों की एक स्वतंत्र संस्था की ज़रूरत है, जो जीडीपी मापने की प्रक्रिया की जांच करें।

रघुराम राजन ने कहा कि उन्होंने सरकार को बड़ा फ्रोड करने की जोड़ी लिस्ट दी थी, उसमें एक बड़ा ज्वेलर का भी नाम था। जोने चार हज़ार करोड़ रुपए का लोन लिया हुआ था। इस ज्वेलर ने दावा किया था कि ख़रीदार ने डिफॉल्ट कर दिया है। बाद में पता चला कि ख़रीदार की कंपनी भी की थी। राजन की इस बात से साफ़ है कि नीरव मोदी को ले जाने वाली सरकार को पहले ही चेतावनी दे दी थी।

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