छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री जोगी ने 8 धार्मिक किताबों की कसम खाकर कहा- बीजेपी के साथ नहीं जाऊंगा

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री जोगी ने 8 धार्मिक किताबों की कसम खाकर कहा- बीजेपी के साथ नहीं जाऊंगा

छत्तीसगढ़ : छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजित जोगी को अपने बंगले में तमाम धार्मिक ग्रंथों को साथ लेकर मीडिया के सामने आये और उनकी टेबल पर रामायण ,गीता, हनुमान चालीसा, सुंदरकांड, दुर्गा सप्तशती से लेकर कुरान, बाइबिल, गुरु ग्रन्थ साहब रखी हुई थी और ये तमाम पवित्र पुस्तकें पूजा पाठ या जाप के लिए नहीं बल्कि कसम खाने के लिए टेबल पर रखी हुए थी।

एक साथ आठ धार्मिक पुस्तकों को हाजिर-नाजिर मानकर अजित जोगी ने कसम खाकर कहा की किसी भी सूरत में बीजेपी के साथ नहीं जाऊंगा।

छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस सुप्रीमो अजित जोगी ने आवश्यकता पड़ने पर बीजेपी से गठबंधन के प्रचारित बयान से पल्ला झाड़ लिया है। न केवल पल्ला झाड़ा है बल्कि बहुत तीखे अंदाज में स्पष्ट किया है कि वे ऐसा कभी नही कर सकते और जोगी ने आठ धार्मिक ग्रंथों को हाजिर-नाजिर मानते हुए कसम खाई कि वो किसी भी सूरत में बीजेपी को न तो समर्थन देंगे और न ही उससे समर्थन लेंगे. अजीत जोगी ने कसम खाते हुए कहा, “चाहे मुझे सूली पर चढ़ा दें, मैं मृत्यु पसंद करुंगा, लेकिन बीजेपी के समर्थन में नही आऊंगा.”

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जोगी ने कहा की मै सपने में भी नहीं सोच सकता कि बीजेपी से गठबंधन करूं

मामला ही कुछ ऐसा हुआ है कि जोगी जी को हर एक धर्म समुदाय के लोगों को ये भरोसा दिलाना पड़ रहा है कि वो किसी भी हाल में भारतीय के पार्टी के कमल को अपने हाथों में नहीं थामेंगे। दरअसल छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और जनता कांग्रेस के संस्थापक अजित जोगी को उनका ही बयान भारी पड़ गया है। एक सभा में अजित जोगी ने ऐलान कर दिया था कि यदि जरूरत पड़ी तो वो बीजेपी के साथ जा सकते हैं। बीजेपी के साथ जाने वाले जोगी के बयान ने जनता दल कांग्रेस के कई नेताओं और समर्थकों को सकते में डाल दिया जिससे अजित जोगी के इस बयान से राजनैतिक गलियारा तो गरमा गया।

भारतीय जनता पार्टी तो जोगी के इस बयान से गद्गद हो गई लेकिन, कांग्रेस ने फौरन जोगी कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और उसने जोगी के इस समीकरण को जनता तक पहुंचाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी। कांग्रेस ने गांव-गांव में यह तर्क दिया कि जब जोगी बीजेपी के साथ ही जाना पसंद कर रहे है, तो उन्हें वोट क्यों? बीजेपी की खिलाफत करने वाले ऐसे वोटर जो कि अजित जोगी की पार्टी को आशा भरी निगाहों से देख रहे थे, उन्होंने जोगी की पार्टी से मुंह फेरना शुरू कर दिया और कांग्रेस को फौरन जोगी कांग्रेस और बीजेपी पर हमला करने का मौका मिल गया।

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जोगी ने 2013 के विधानसभा चुनाव में भी मुख्यमंत्री रमन सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ने का ऐलान किया था लेकिन जब बारी नामांकन भरने की आई तो, चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया. अब जोगी ने बीजेपी के साथ गठबंधन की बात कर एक बार फिर यू टर्न ले लिया है.अजित जोगी ने दावा किया कि, बीएसपी के साथ उनका गठबंधन बेहद मज़बूत स्थिति में है.

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