बीजेपी में प्रधानमंत्री पद को लेकर अनबन शुरू, अलग-अलग गुटों में बट रही है बीजेपी

NDA में प्रधानमंत्री पद को लेकर अनबन शुरू, क्या अलग-अलग गुटों में बट रही है NDA ?

राजनीति में अगर कोई पार्टी कहे की वो दूध की धूली है तो विश्वास न करना। क्यों की जैसे – जैसे लोकसभा चुनाव सामने आ रही है सभी पार्टी और उसके नेताओं का असली चेहरे सामने आते जा रहे है। क्यों अब तक सब कुछ सही चल रहे बीजेपी पार्टी में भी बिखराव और गुट बाजी शुरू हो चुकी है। सूत्रों से पता चला है की बीजेपी और उनके सहयोगी पार्टियों के नेताओं में तथा बीजेपी के बागी नेताओ में प्रधानमंत्री बनाने की लालसा जगने लगी है। ये बात अलग है की मीडिया के सामने सब कुछ खुल कर नहीं हो रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, एनडीए सरकार के भीतर भी पीएम पद के लिए नरेंद्र मोदी के विकल्‍प को लेकर बहस शुरू हो गई है। हाल ही में एनडीए गठबंधन की शिवसेना ने सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पीएम पद के योग्‍य बताया है तो वहीं कई हिंदूवादी संगठन यूपी के सीएम योगी आदित्‍यनाथ को पीएम बनाने की मांग कर रहे हैं। देखा जा रहा है की धीरे – धीरे एनडीए खेमे में भी सूट – बूट पहन कर प्रधानमंत्री नामक दूल्हे तैयार हो रहे है। अब तक बीजेपी ये कह कर विपक्ष का मजाक उड़ाती थी की उनके पास दुल्हे बहुत है। लेकिन चुनाव आते ही एनडीए खेमे में भी ये संख्या बढती जा रही है।

हालाकि इस मुद्दे पर बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह ने साफ़ कर दिया की NDA फिर से नरेन्द्र मोदी को अपना PM उम्मीदवार के रूप में उतारेगी और उन्होंने इसकी घोषणा भी कर दी। वही दूसरी तरफ नितिन गडकरी ने भी साफ कर दिया की उनका एसा कोई इरादा नहीं है वो प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ेंगे और बीजेपी को अधिक से अधिक सीट जितने में सहयोग करेंगे।

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हाल ही में योगी आदित्यनाथ ने केंद्र सरकार और कोर्ट को चुनौती देते हुए कहा की जनता का राम मंदिर पर धैर्य तेजी से खत्म हो रहा है। अगर सुप्रीम कोर्ट इस विवाद पर जल्द फैसला सुनाने में असमर्थ है तो कोर्ट को यह मामला हमें सौंप देना चाहिए। हम इस मामले को 24 घंटे के अंदर सुलझा लेगें। मुख्यमंत्री जी ने यह भी दावा किया कि बीजेपी उत्तर प्रदेश में आने वाले लोकसभा चुनाव में 2014 से ज्यादा सीटें जीतेगी। एक निजी टेलीविजन चैनल ने जब उनसे यह पूछा कि क्या वे राम मंदिर का मुद्दा बातचीत से सुलझाएंगे या फिर किसी और तरीके से, तो इसके जवाब में योगी आदित्यनाथ ने कहा- “पहले कोर्ट को इस मुद्दे को हमें सौंपने दीजिए।”

 

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