न्याय (न्यूनतम आय योजना) के संबंध में कांग्रेस ने साफ तौर से बताया

न्याय (न्यूनतम आय योजना) योजना के सन्दर्भ में कांग्रेस ने साफ तौर से कहा की यह योजना कोई टॉप अप स्कीम नही है बल्कि 5 करोड़ गरीब परिवारों को 72000₹ सालाना आय के रूप में दिए जाएंगे।

इस योजना के अंतर्गत राशि को घर की महिला मुखिया के बैंक खाते में सीधे भेजी जाएंगी।

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राहुल गांधी के सबसे बड़ी चुनावी वादे के घोषणा होने के पश्चात भाजपा से वित्तमंत्री अरुण जेटली समेत कई अन्य दिग्गज नेताओं ने इस योजना के ऊपर सवाल खड़े कर दिए।

इससे कांग्रेस ने मोदी को अमीरों का मित्र बताते हुए कहा की “इसीलिए भाजपा न्याय योजना का विरोध कर रही है।”
और साथ ही ये भी कहा की प्रधानमंत्री साफ तौर से बताये की वो न्याय के विरोधी है या इस योजना के लिए पक्षधर है।

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कांग्रेस के मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेवाल ने कहा की यह योजना गरीबी मिटाने के लिए दुनिया की सबसे बड़ी योजना है जो की भविष्य में सत्य होगी । इस योजना में गांव या शहर में रहने वाले गरीबो में कोई भेद भाव नही किया जाएगा।

उन्होंने ये भी कहा की यदि मोदी कुछ उद्योगपतियों के कई लाख करोड़ रुपये माफ कर सकते है तो गरीबो में भी पैसा बाटा जा सकता है।

कांग्रेस के चुनाव घोषणा पत्र जारी करने की हुई बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव 2019 के पहले किया था एलान और कहा की देश के 25 करोड़ गरीबों (5 करोड़ गरीब परिवार प्रत्येक परिवार में 5 सदस्य के औसत से ) को देंगे 72000रुपये सालाना।

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